केंद्र सरकार ने देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से PM Vishwakarma Yojana की शुरुआत की है। यह योजना विशेष रूप से विश्वकर्मा समुदाय से जुड़े उन लोगों के लिए लाई गई है, जो पीढ़ियों से अपने हुनर के दम पर आजीविका कमा रहे हैं, लेकिन आर्थिक कमी और संसाधनों के अभाव में अपने काम को आगे नहीं बढ़ा पा रहे थे।
इस योजना के अंतर्गत सरकार कारीगरों को कम ब्याज दर पर लोन, निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण, टूल किट खरीदने के लिए आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण के दौरान दैनिक भत्ता प्रदान कर रही है। इसका सीधा लाभ देश के छोटे-छोटे कारीगरों को मिलेगा और उनका व्यवसाय मजबूत होगा।
PM Vishwakarma Yojana 2026 क्या है?
पीएम विश्वकर्मा योजना को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू किया गया है। इस योजना का उद्देश्य देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आधुनिक तकनीक और कौशल से जोड़ना है, ताकि वे अपने काम को व्यवसाय के रूप में विकसित कर सकें।
इस योजना के तहत लाभार्थियों को पूरी तरह निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सरकार द्वारा एक मान्य प्रमाण पत्र दिया जाता है, जिसकी वैधता पूरे भारत में होती है। इसके अलावा कारीगरों को अपने काम के लिए जरूरी औजार खरीदने हेतु ₹15,000 की सहायता राशि दी जाती है।
PM Vishwakarma Yojana 2026 का उद्देश्य
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके रोजगार को बढ़ावा देना है। इस योजना के माध्यम से सरकार चाहती है कि कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को बाजार तक सही पहचान और अवसर मिल सके।
योजना के अंतर्गत:
- कारीगरों को टूल किट सहायता
- सस्ती ब्याज दर पर ऋण
- कौशल प्रशिक्षण
- और स्वरोजगार के नए अवसर
प्रदान किए जाते हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।
PM Vishwakarma Yojana 2026 के लाभ
PM Vishwakarma Yojana के अंतर्गत शामिल काम
इस योजना में कुल 18+ पारंपरिक पेशे शामिल हैं, जैसे:
- बढ़ई (Carpenter)
- लोहार (Blacksmith)
- सुनार (Goldsmith)
- कुम्हार (Potter)
- दर्जी (Tailor)
- मोची (Cobbler)
- नाई (Barber)
- राजमिस्त्री
- टोकरी बनाने वाले
- मूर्तिकार

